हरियाणा की बावल सीट से टिकट के नाम पर 7 करोड़ ठगे जाने का सनसनीखेज आरोप। पूर्व महिला कांग्रेस नेता के पति ने वरिष्ठ नेताओं पर धमकी और साजिश का इल्जाम लगाया। दिल्ली पुलिस को सबूत सौंपे, दुर्गा अष्टमी पर कड़ा ऐलान। राजनीतिक हलचल तेज।
हरियाणा की राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। पूर्व महिला कांग्रेस महासचिव सुचित्रा देवी के पति गौरव कुमार ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर करोड़ों रुपये की ठगी का गंभीर आरोप ठोक दिया। उनका दावा है कि विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के नाम पर 7 करोड़ रुपये ऐंठे गए, लेकिन वादा पूरा न होने पर अब धमकियां मिल रही हैं। गौरव ने साफ चेतावनी दी कि अगर न्याय न मिला तो दुर्गा अष्टमी के दिन राहुल गांधी के दिल्ली स्थित आवास के सामने आत्मदाह कर लेंगे।
यह मामला हरियाणा के बावल विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है, जहां सुचित्रा देवी को टिकट की उम्मीद थी। गौरव के मुताबिक, उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और उनके करीबियों को भारी रकम सौंपी ताकि उनकी पत्नी को नामांकन पत्र मिल सके। लेकिन टिकट कहीं नजर नहीं आया। पैसे लौटाने की मांग पर उल्टा दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने नाम लिए बिना संकेत दिया कि पार्टी के केंद्रीय महासचिव स्तर के नेता इस घोटाले में लिप्त हैं।
दिल्ली पहुंचे गौरव ने पुलिस कमिश्नर को ठोस सबूत सौंप दिए। इनमें बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, व्हाट्सएप वार्तालाप और ऑडियो क्लिपिंग शामिल हैं। उनका कहना है कि एक करीबी को पार्टी के एक प्रभावशाली व्यक्ति की ओर से 2 करोड़ का प्रलोभन दिया गया ताकि वो प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव के खिलाफ झूठा बयान दे। गौरव ने तंज कसते हुए कहा, “अगर साजिश रचने को 2 करोड़ दे सकते हैं, तो मेरे 7 करोड़ पहले लौटा दो। हमारे भी रसूख हैं, ऐसी चालें काम नहीं आएंगी।”
पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। गौरव का गुस्सा फूट पड़ा, “सबूतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं? जांच का बहाना बनाकर मामले को दबाया जा रहा है।” हरियाणा कांग्रेस में पहले से ही टिकट वितरण को लेकर असंतोष व्याप्त है। बावल जैसे सीटों पर स्थानीय नेताओं की अनदेखी ने आंतरिक विद्रोह को हवा दी है। राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह विवाद पार्टी के लिए बुरा संकेत है।
कांग्रेस नेतृत्व ने अभी चुप्पी साध रखी है। क्या यह आरोप सियासी साजिश हैं या सच्चाई? राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि टिकट व्यापार के पुराने किस्से फिर उभर आए हैं। गौरव का यह कदम न केवल हरियाणा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ सकता है।








