मंत्री जी ने ली खीरे की खेती के लिए 99 लाख की सब्सिडी, अब नहीं देते बन रहा है जवाब...!

एक समाचार की रिपोर्ट की माने तो राजस्थान के अजमेर में एक विशाल खेत जहां पाली हाउस और कृत्रिम तालाब बने हुए है । यहां एक बड़ा साइन बोर्ड में लिखा हुआ है कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सहायता प्राप्त, बोर्ड पर लाभार्थी का नाम भागीरथ चौधरी और 50% सब्सिडी की राशि 99 लाख 70000 रुपए लिखी हुई है। 

Vijay

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29 Jun 2026 1 min read
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मंत्री जी ने ली खीरे की खेती के लिए 99 लाख की सब्सिडी, अब नहीं देते बन रहा है जवाब...!
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी अपने ही मंत्रालय के अधीन एक योजना से लगभग 99 लाख रुपए की सब्सिडी ले ली है। 
 
यह सब्सिडी उन्हें खीरे के खेती के लिए दी गई है, हैरान करने वाली बात यह है कि यह पैसा जिस बोर्ड द्वारा मंजूर किया गया खुद मंत्री जी उसके पदेन उपाध्यक्ष हैं।
 
जानिए पूरा मामला 
 
एक समाचार की रिपोर्ट की माने तो राजस्थान के अजमेर में एक विशाल खेत जहां पाली हाउस और कृत्रिम तालाब बने हुए है । यहां एक बड़ा साइन बोर्ड में लिखा हुआ है कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सहायता प्राप्त, बोर्ड पर लाभार्थी का नाम भागीरथ चौधरी और 50% सब्सिडी की राशि 99 लाख 70000 रुपए लिखी हुई है। 
 
रिपोर्ट की माने तो जांच में सामने आया कि केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को सब्सिडी कुछ ही महीने पहले उनके ही मंत्रालय से मिली है। जिसमें खुद मंत्री जी पदेन उपाध्यक्ष है, यह पैसा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड हॉर्टिकल्चर फसलों के उत्पादन और फसल के बाद प्रबंधन के माध्यम से  बागवानी के विकास के तहत दिया गया। 2025 में योजना के तहत 467 प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली, उसमें से मंत्री जी का 16592 वर्ग मीटर का खीरे की खेती का भी प्रोजेक्ट था। 
 
मंजूरी में दिखी सुपरफास्ट स्पीड 
 
अधिकतर योजनाओं में लगभग बहुत समय लग जाते हैं बावजूद इस पूरे कार्य योजना में सुपरफास्ट स्पीड देखने को मिली है, साइन बोर्ड के अनुसार प्रोजेक्ट की कुल कीमत 1 करोड़ 99 लाख रुपए है इसमें प्रमोटर का शेयर 49.8 लाख रुपए है । चौधरी ने इस प्रोजेक्ट के लिए एचडीएफसी बैंक से 1.49 करोड रुपए का लोन भी लिया था, मार्च 2026 में एनएचबी के अंतिम मंजूरी मिलने के कुछ ही सप्ताह बाद 99 लाख रुपए से ज्यादा की सब्सिडी उनके एचडीएफसी बैंक के लोन खाते में क्रेडिट कर दी गई। 
 
आखिर सब्सिडी में क्या है बात 
 
जिस बोर्ड में इस सब्सिडी को पास किया गया है भागीरथ चौधरी उसके पदेन उपाध्यक्ष है । हालांकि अंतिम मंजूरी देने वाले कमेटी में यह शामिल नहीं हैं। अप्रूवल से एक महीना पहले प्रधानमंत्री कार्यालय पीएमओ को दी गई संपत्ति घोषणा में मंत्री ने अपने पीह वाली कृषि भूमि का जिक्र तो किया है लेकिन इस पेंडिंग एचबी प्रोजेक्ट की कोई भी जानकारी नहीं दी। हालांकि उनके एक सहयोगी का कहना है कि इसका खुलासा किया जाएगा । भागीरथ चौधरी ने 2018 में भी इस योजना के तहत आवेदन किया था लेकिन तब हार्ड कॉपी जमा करने में देरी के चलते उनका आवेदन निरस्त हो गया था।

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