राज्य सरकार ने पन्ना के जल संसाधन विभाग में तैनात कार्यपालन यंत्री सी वी अहिरवार को प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद मीडिया के समक्ष रिश्वतखोरी पर अमर्यादित बयान देने के कारण सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार ने उनके आचरण को देखते हुए इसे उल्लंघन माना है और तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
लोकायुक्त की टीम ने विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए बीते दिन पकड़ा था। इस घटनाक्रम के बाद लोकायुक्त कार्यपालन यंत्री सीवी अहिरवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपनी खुशी या प्यार से देता है तो वह रख लेता हूं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनका कोई तय प्रतिशत नहीं होता है। सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर वीडियो भी प्रसारित हैं।
शासन ने इस टिप्पणी को गंभीर अनुशासनहीनता और अमर्यादित माना है, जिसको देखते हुए तत्काल निलंबन आदेश भी जारी कर दिया गया है। निलंबन आदेश के दौरान उनका मुख्यालय भोपाल स्थित जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय में निर्धारित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मांगो उसी से जो दे दे खुशी से और कहे ना किसी से। यह साहब किसी से पैसा नहीं मांगते, जब लेकिन कोई खुशी से दे जाए तो वे मना भी नहीं करते हैं और अपने पास रख लेते हैं।

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