फेसबुक FACEBOOK और सोशल मीडिया ( FACEBOOK ) पर कुछ पोस्ट या कमेंट आपकी गिरफ्तारी की वजह बन सकते हैं। जानिए कौन-सी ऑनलाइन हरकतें साइबर कानूनों के तहत अपराध मानी जाती हैं। फेसबुक ( FACEBOOK ) आज सिर्फ सोशल मीडिया ( FACEBOOK ) प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि लोगों की डिजिटल पहचान बन चुका है। लेकिन इसके साथ ही बढ़ रही है गैर-जिम्मेदार ऑनलाइन गतिविधियों की समस्या। साइबर सेल और आईटी कानून विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि फेसबुक ( FACEBOOK ) पर की गई छोटी-सी गलती भी कानूनी कार्रवाई और जेल तक पहुंचा सकती है।
अश्लील कंटेंट या गंदे मैसेज शेयर करना
फेसबुक पर कोई भी अश्लील फोटो, वीडियो या संदेश पोस्ट करना आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत दंडनीय अपराध है।
फर्जी प्रोफाइल बनाना:
किसी दूसरे व्यक्ति के नाम या फोटो से नकली प्रोफाइल बनाना पहचान की चोरी (Identity Theft) के अंतर्गत आता है। इसके लिए साइबर पुलिस केस दर्ज कर सकती है।
धर्म या जाति के नाम पर नफरत फैलाना:
धार्मिक या सामुदायिक भावनाओं को भड़काने वाले पोस्ट समाजिक अशांति फैलाते हैं। IPC की धारा 153A और 505(2) के तहत जेल हो सकती है।
फेक न्यूज फैलाना:
फर्जी या भ्रामक खबरें लगातार शेयर करना न सिर्फ सामाजिक विवाद बढ़ाता है बल्कि IT कानून के तहत सज़ा का कारण भी बन सकता है।
ऑनलाइन धमकी या ब्लैकमेल:
किसी को चैट या पोस्ट के ज़रिए धमकाना धारा 507 के तहत अपराध है। पुलिस फोन या IP ट्रेसिंग से ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई कर सकती है।
पर्सनल डेटा या फोटो शेयर करना:
किसी की निजी तस्वीरें या जानकारी उनकी अनुमति के बिना साझा करना ‘प्राइवेसी वायलेशन’ है—इसके लिए सज़ा और जुर्माना दोनों हो सकता है।
अकाउंट हैकिंग:
दूसरे यूजर का अकाउंट हैक करना या पासवर्ड चुराने की कोशिश गंभीर साइबर क्राइम है, जिसके लिए 3 साल तक की जेल तक हो सकती है।
धोखाधड़ी या स्कैम विज्ञापन:
फर्जी प्रोडक्ट प्रमोशन या स्कैम लिंक शेयर करना IT Act की धारा 66D के तहत फ्रॉड माना जाता है।
संवाददाता की आवश्यकता है, सम्पर्क कीजिये – 8435113308
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फेसबुक FACEBOOK और सोशल मीडिया ( FACEBOOK ) पर कुछ पोस्ट या कमेंट आपकी गिरफ्तारी की वजह बन सकते हैं। जानिए कौन-सी ऑनलाइन हरकतें साइबर कानूनों के तहत अपराध मानी जाती हैं। फेसबुक ( FACEBOOK ) आज सिर्फ सोशल मीडिया ( FACEBOOK ) प्लेटफॉर्म नहीं बल्कि लोगों की डिजिटल पहचान बन चुका है। लेकिन इसके साथ ही बढ़ रही है गैर-जिम्मेदार ऑनलाइन गतिविधियों की समस्या। साइबर सेल और आईटी कानून विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि फेसबुक ( FACEBOOK ) पर की गई छोटी-सी गलती भी कानूनी कार्रवाई और जेल तक पहुंचा सकती है।
अश्लील कंटेंट या गंदे मैसेज शेयर करना
फेसबुक पर कोई भी अश्लील फोटो, वीडियो या संदेश पोस्ट करना आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत दंडनीय अपराध है।
फर्जी प्रोफाइल बनाना:
किसी दूसरे व्यक्ति के नाम या फोटो से नकली प्रोफाइल बनाना पहचान की चोरी (Identity Theft) के अंतर्गत आता है। इसके लिए साइबर पुलिस केस दर्ज कर सकती है।
धर्म या जाति के नाम पर नफरत फैलाना:
धार्मिक या सामुदायिक भावनाओं को भड़काने वाले पोस्ट समाजिक अशांति फैलाते हैं। IPC की धारा 153A और 505(2) के तहत जेल हो सकती है।
फेक न्यूज फैलाना:
फर्जी या भ्रामक खबरें लगातार शेयर करना न सिर्फ सामाजिक विवाद बढ़ाता है बल्कि IT कानून के तहत सज़ा का कारण भी बन सकता है।
ऑनलाइन धमकी या ब्लैकमेल:
किसी को चैट या पोस्ट के ज़रिए धमकाना धारा 507 के तहत अपराध है। पुलिस फोन या IP ट्रेसिंग से ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई कर सकती है।
पर्सनल डेटा या फोटो शेयर करना:
किसी की निजी तस्वीरें या जानकारी उनकी अनुमति के बिना साझा करना ‘प्राइवेसी वायलेशन’ है—इसके लिए सज़ा और जुर्माना दोनों हो सकता है।
अकाउंट हैकिंग:
दूसरे यूजर का अकाउंट हैक करना या पासवर्ड चुराने की कोशिश गंभीर साइबर क्राइम है, जिसके लिए 3 साल तक की जेल तक हो सकती है।
धोखाधड़ी या स्कैम विज्ञापन:
फर्जी प्रोडक्ट प्रमोशन या स्कैम लिंक शेयर करना IT Act की धारा 66D के तहत फ्रॉड माना जाता है।
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