चाहे डेकोरेटिव आइटम्स हों या फिर बांस से बनी साड़ी। इनकी खूबसूरती देखते ही बनती है। आज है विश्व बांस दिवस, ऐसे में देखा जाए तो होम डेकोरेशन में भी काफी कुछ बदलाव वक्त के साथ देखने को मिलने लगे हैं। लोग घरों में महंगी सजावटी वस्तुओं के बजाय साधारण दिखने वाली वस्तुओं को सजावट और रोजमर्रा इस्तेमाल के लिए उपयोग करना पसंद करते हैं। इसलिए दफ्तरों और रेस्तरां के अलावा अब घरों में भी बांस से बने सोफे, कुर्सियां, सजावटी चीजें रखना नया चलन बन चुका है। इससे न सिर्फ घर के डेकोरेशन को अलग लुक मिलता है। बल्कि इससे बांस की अब उपयोगिता भी बढ़ रही है।
बेड, सोफासेट, डाइनिंग टेबल
लकड़ी के फर्नीचर की भीड़ में बांस काफी आगे आ चुका है। इंटरनेट की ऑनलाइन तकनीक ने इसे और आसान कर दिया है, लेकिन मजे की बात यह है कि बांस के फर्नीचर के मामले में बाजार के नफे के साथ ग्राहक नुकसान में कतई नहीं है। बांस से बने बेड, सोफासेट, डाइनिंग टेबल, आरामदेह कुर्सियां हर कोने में जगह बना रहे हैं। अगर आप अपने घर में बदलाव की योजना बना रहे हैं, तो बांस का यह कायापलट अंदाज आपको खूब रास आएगा। ट्रेडिशनल एसेसरीज में ट्रेडिशनल एसेसरीज में फैशन के फ्यूजन के साथ ही बेंबूज के स्टाइलिश आइटिम्स की लोकप्रियता ने इसे लोगों की पसंद बना दिया है। यही वजह है कि बैंबूज एसेसरीज अब रसोई से निकलकर घर के कई कोने-कोने में छा गए हैं, बल्कि घर के सबसे खूबसूरत हिस्से ड्राइंग रूम और पोर्च की शोभा बढ़ा रहे हैं।
खूबसूरती और कला नमूने
खूबसूरती और सज्जा का जिक्र लैंपशेड, फूलदान, रोशनी के साजो-सामान के बिना पूरा कैसे हो सकता है। बाजार में एक से बढ़ कर एक रंग, डिजाइन में ये सामान उपलब्ध हैं। आप आनलाइन खरीदारी भी कर सकते हैं। आपके शौक और पंसद के मुताबिक ही सामान की कीमत होगी। लकड़ी के ये कला नमूने आपके घर की रौनक को एक अलग ही अंदाज में बयां करते हैं। सजावट ही नहीं, उपहार देने के नजरिए से भी बांस कला के नमूने और दूसरी चीजें एक उम्दा विकल्प हैं। जिन लोगों के पास जगह की किल्लत नहीं है, वे बांस के पौधों की सजावट को तवज्जो देते हैं। इसके अलावा बांस की काफी नस्लें बाजार में उपलब्ध हैं।
वुडन लुक का खूब प्रचलन
इसके अलावा शॉपिंग मॉल्स में, रेस्तरां और दुकानों में भी इस वुडन लुक का खूब इस्तेमाल हो रहा है। बंबू वॉल आर्ट भी आजकल नया चलन है। होटल, रेस्तरां के कारोबार में अनूठापन और नयापन बनाए रखने के लिहाज से खूबसूरती में बदलाव जल्दी करना जरूरी हैं। रेस्तरां मालिकों के लिए तो ये प्राकृतिक ढांचे और फायदे का सौदा हैं, क्योंकि इसमें इंटीरियर पर निवेश का बार-बार खर्चा नहीं है, और लोगों को भी यह अंदाज लुभा रहा है। साथ ही इसे बदलना काफी आसान है।
बांस से बनते हैं घरेलू बर्तन बांस का इस्तेमाल कच्चे घर बनाने में जो अभी भी ग्रामीण अंचलों की आवश्यकता है, जबकि आमतौर घर-गृहस्थी के कामों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं टुकनी, डगरा, सूपा, दौरी, झांपी, झऊआ, कुड़वारे, बिना निर्माण के लिए किया जाता है।

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