कटनी। रक्षाबंधन पर अपने भाइयों को राखी बांधने 8 अगस्त को इंदौर से अपने घर कटनी जाने के लिए निकली अर्चना तिवारी का छठवें दिन मंगलवार तक कोई सुराग नहीं मिला।
जीआरपी, स्थानीय पुलिस, अर्चना तिवारी परिजनों और रिश्तेदारों द्वारा किए गए हर तरह के प्रयासों के बावजूद अर्चना के बारे में कोई जानकारी फिलहाल नहीं मिली है। एसआरपी इस मामले को देख रहे हैं। वहीं युवती को खोजने वाले को 51 हजार रुपए का ईनाम देने की भी घोषणा की गई है।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले की बेटी अर्चना तिवारी का गायब होना अबूझ पहली बनी हुई है. इंदौर के एक हॉस्टल में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही एक युवती रक्षाबंधन पर ट्रेन में सवार होकर कटनी के लिए रवाना होती है. लेकिन बीच रास्ते में ही रहस्यमय ढंग से गायब हो जाती है.
लड़की का इंदौर बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस के AC कोच B3 के बर्थ नंबर 3 पर रिजर्वेशन था. 7 तारीख को लड़की अपने हॉस्टल से निकलकर इंदौर स्टेशन पहुंची और नर्मदा एक्सप्रेस में सवार हुई थी. कटनी के मंगलनगर में रहने वाली अर्चना तिवारी के परिजन 8 तारीख की सुबह उसे कटनी साउथ स्टेशन लेने पहुंचे तो लड़की नहीं मिली और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला.
जब कटनी साउथ स्टेशन पर लड़की नहीं मिली तो परिजनों ने उमरिया उसके मामा को सूचना दी. उमरिया स्टेशन पर उसके मामा ने बी3 कोच में पहुंचकर तलाश किया. लेकिन अर्चना नहीं मिली. अलबत्ता उसकी सीट उसका बैग जरूर मिला, जिसे उतारा गया.
मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड से क्लू मिला
रेल एसएसपी राहुल लोढ़ा के अनुसार, दो टीमें लगातार अर्चना की तलाश कर रही थीं. इस बीच चार-पांच लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अर्चना जैसी दिखने वाली लड़की को देखा था. इसके बाद पुलिस को लीड मिली और वह जांच में आगे बढ़ गई.
रेल पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज से उसकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी. पुलिस ने मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) और इंटरनेट डेटा रिकॉर्ड (IPDR) भी खंगाले थे जिससे बड़ा सुराग हाथ लगा. कटनी की अर्चना तिवारी इंदौर में रहकर सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही थी. वह एक मेहनती और होनहार युवती थी.
सीसीटीवी फुटेज में हॉस्टल से निकलती दिखी अर्चना
हॉस्टल से अर्चना तिवारी के निकलने के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं, जिसमें वह अपना सामान ले जाती हुई एक ऑटो में बैठी हुई नजर आ रही है. जिस हॉस्टल में वह रहती थी उस हॉस्टल के केयर टेकर ने बताया कि जब वह यहां से अपने घर जाने के लिए निकली थी तो हमारे द्वारा एक फॉर्म भरवाया गया था, जिसमें उसने तमाम तरह की जानकारी लिखी थी. जिसमें उसके घर के एड्रेस के साथ ही परिजनों का मोबाइल नंबर भी शामिल था.







