इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर बुधवार रात 8:30 बजे चिकलिया फाटा के पास 50 मजदूरों से भरी ओवरलोड पिकअप हादसे का शिकार हो गई। टायर फटने के बाद अनियंत्रित पिकअप 3-4 पलटी खाकर रॉन्ग साइड में घुसी और स्कॉर्पियो से टकरा गई। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक घायल हैं। जान गंवाने वालों में 6 बच्चे, 7 महिलाएं और 22 साल का एक युवक है। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें कई की हालत गंभीर है।
हादसे के बाद का मंजर दिल दहला देने वाला था। जैसे ही एंबुलेंस से घायलों और मृतकों को जिला अस्पताल लाया गया, वहाँ अफरा-तफरी मच गई। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब एक पिता के सामने स्ट्रेचर पर उसके बेटे का कटा हुआ पैर लाया गया। यह देख वह कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गया और वहीं बैठ गया। आसपास मौजूद लोग भी इस दृश्य से सन्न रह गए।
मजदूर सेमलिया, नयापुरा, जलोखिया और सुल्तानपुर समेत आसपास के गांवों के थे। वे बड़ इलाके में चुकंदर की फसल कटाई का काम करने गए थे। बुधवार शाम काम खत्म करने के बाद सभी एक ही पिकअप में सवार होकर गांव लौट रहे थे। दिनभर की मेहनत के बाद वे घर लौट रहे थे, पर सफर रास्ते में खत्म हो गया।
मालवा क्षेत्र में मार्च से मई के बीच चुकंदर की फसल की कटाई का काम होता है। इसमें बड़ी संख्या में मजदूर रोज खेतों तक लाए ले जाए जाते हैं।
अक्सर ठेकेदार एक ही वाहन में ज्यादा मजदूरों को बैठाकर लाते जे जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में मजदूर जोखिम के बावजूद ऐसे वाहनों में सफर करने को मजबूर होते हैं।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपए और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपए सहायता देने की घोषणा की है।








