नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से अचानक लापता हुई छात्रा अर्चना तिवारी को आखिरकार ढूंढ ही लिया गया, जीआरपी ने 12 दिन बाद लखीमपुर खीरी से अर्चना तिवारी को बरामद कर लिया है।
इस पूरे मामले की पुष्टि जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने की, उन्होंने बताया कि छात्रा नेपाल बॉर्डर के पास मिली है जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी काठमांडू घूमने गई थी और वहीं से लौटते समय पुलिस ने पकड़ लिया।
अब जीआरपी की टीम उसे भोपाल लेकर आ रही है और पूछताछ करेगी कि आखिर वह अचानक इस तरह से लापता क्यों हो गई। आपको हम बता दे की अर्चना तिवारी वही है जो इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी और बीते 7 अगस्त को इंदौर से अपने घर कटनी जा रही थी।
लेकिन घर नहीं पहुंचने पर परिवार जन खोजबीन करने लगे ट्रेन में उसका सामान तो मिला लेकिन अर्चना तिवारी नहीं मिली, इसके अलावा इस घटना के बाद इंदौर ग्वालियर कटनी और भोपाल की टीम भी अर्चना तिवारी को ढूंढने में लग गई, वहीं दूसरी ओर जंगलों तक की भी तलाशी अभियान चलाया गया ।
ताकि कोई भी सुराग अर्चना तिवारी का मिल सके। हालांकि इसी बीच जांच में पता चला कि ग्वालियर पुलिस आरक्षक राम तोमर उसके संपर्क में था हालांकि युवक कब से संपर्क में था अब तक इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
लेकिन हम आपको बता दे कि युवक ने ही अर्चना तिवारी का टिकट बनवाया था फिलहाल पुलिस आरक्षक राम तोमर से भी पूछताछ कर रही है। वही इस बीच छात्रा का लोकेशन दिल्ली में भी मिला लेकिन जब तक दिल्ली पुलिस पहुंची तब तक छात्रा वहां से गायब हो चुकी थी, लेकिन अब अर्चना तिवारी के मिल जाने से परिवार वाले काफी खुश हैं।








