सिवनी में हवाला कारोबारियों से 2.96 करोड़ रुपए लूटने के मामले में पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई की। निलंबित एसडीओपी पूजा पांडे समेत 9 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर लखनवाड़ा थाने में सभी 11 निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है.
सीएम की सख्ती के बाद 11 पुलिस वालों पर दर्ज हुई एफआईआर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून- व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा करना पुलिस का पहला कर्तव्य है। जो पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य से भटकेंगे, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सिवनी प्रकरण में दोषियों पर सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में कानून सबके लिए समान है चाहे वह आम नागरिक हो या अधिकारी। राज्य सरकार सुशासन के लिए लगातार काम कर रही है और इसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उनमें पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, प्रधान आरक्षक माखन इनवाती, आरक्षक जगदीश यादव, योगेंद्र चौरसिया, गनमैन केदार बघेल, सुभाष सदाफल, चालक रितेश और नीरज हैं। वहीं, राजेश जंघेला, रविंद्र उईके फरार हैं। पुलिस की टीमें तलाश में छापेमारी कर रही हैं।
कटनी सतना का था पैसा
महाराष्ट्र के जालना निवासी सोहन लाल परमार द्वारा अपने साथियों के साथ हवाला की जो रकम कटनी से महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी, वह कटनी के साथ सतना से उठाई गई थी।
हाई कोर्ट ने पूछा- शिकायतकर्ता को बिना रिमांड क्यों रखा सलाखों में
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सिवनी पुलिस से पूछा है कि हवाला लूटकांड के शिकायतकर्ता को बिना रिमांड पुलिस कस्टडी में क्यों रखा गया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सिवनी पुलिस को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता को 15 अक्टूबर को पेश करें।
जालना निवासी गंगाबाई परमार की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर आरोप लगाया गया कि उसके पति सोहनलाल परमार को पुलिस ने कई दिनों से बंदी बनाकर रखा है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्रेयस दुबे ने दलील दी कि सोहनलाल की शिकायत पर ही मामला उजागर हुआ था।
पुलिस ने उसे 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था और 12 तारीख को छोड़ दिया था। छूटने के बाद वह अपने घर जालना चला गया। उसी रात जालना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पुनः सिवनी पुलिस को सौंप दिया, तब से वह पुलिस हिरासत में है। दलील दी गई कि इस मामले में ट्रांजिट रिमांड नहीं ली गई और न ही उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। वहीं शासन की ओर से दलील दी गई कि गवाही के लिए उसे रोका गया था। यह भी कहा गया कि सोहनलाल को जमानत पर छोड़ दिया गया है।







