लोकायुक्त संगठन ने बुधवार तड़के रिटायर्ड आबकारी अफसर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन स्थित ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में सर्चिंग कार्रवाई की।
लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई। भदौरिया के यहां से 1 करोड़ 13 लाख 13 हजार 612 रु. कैश, 4 किलो 221 ग्राम सोना (मूल्य 5 करोड़ 48 लाख 79 हजार 930 रु.), 7 किलो 128 ग्राम चांदी ( मूल्य 8,08,086 रु. ) और अन्य सामग्री लगभग 2 करोड़ 23 लाख 27 हजार 930 रुपए की, जिसमें वाहन, घड़ियां, हथियार, परफ्यूम, फर्नीचर आदि शामिल हैं, जब्त हुई।
ओल्ड पलासिया फ्लैट से 9 करोड़ 66 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति प्राप्त हुई। कई प्लॉट, मकान और फ्लैट के दस्तावेज भी मिले। बैंकों में 3 लॉकर, बैंक खाते व बीमा पॉलिसियां भी बरामद हुईं। बेटे सूर्यांश और बेटी अपूर्वा द्वारा जितेन्द्र चौधरी को 2 करोड़ 85 लाख रुपए उधार देने का एग्रीमेंट भी मिला। भदौरिया की सेवाकाल आय लगभग 2 करोड़ थी, जबकि 18 करोड़ 59 लाख 33,508 /- रुपए की संपत्ति पाई गई। अनुपातहीन संपत्ति 829.66 प्रतिशत है।
ऐसे की काली कमाई
इंदौर से धार, झाबुआ होकर अवैध शराब गुजरात पहुंचती रही। भदौरिया की ड्यूटी इसी क्षेत्र में थी। स्टॉक के अलावा अवैध बिक्री भी होती थी, जिसे अफसर नजरअंदाज करते थे। भदौरिया के समय चालान हाथ से बनाए जाते, कम राशि का चालान भरकर अधिक माल उठवाया जाता और एक चालान से कई बार गोदाम से स्टॉक उठवाने के आरोप लगे। 100 करोड़ से अधिक का चालान घोटाला उजागर हुआ। पब और बार के लाइसेंस भी उसके पास थे।








