इंदौर सराफा में भिखारी मांगीलाल की संपत्ति का राज खुला – 3 मकान, ऑटो, कार। LIC अभियान में रेस्क्यू, व्यापारियों को कर्ज। मध्य प्रदेश के इंदौर में महिला एवं बाल विकास विभाग के भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान ने चौंकाने वाला खुलासा किया। सराफा बाजार की गलियों में लकड़ी की गाड़ी खींचकर भीख मांगने वाला मांगीलाल करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला। रोजाना ₹500-1000 कमाने वाला यह भिखारी व्यापारियों को ब्याज पर कर्ज देता था। रेस्क्यू के बाद अधिकारी और जनता स्तब्ध।
मांगीलाल को सराफा से पकड़ा गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि भीख के पैसे से सराफा व्यापारियों को उधार देता था। नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा ने बताया, उसके नाम भगत सिंह नगर में 16×45 फीट तीन मंजिला मकान, शिवनगर में 600 sq ft घर और अलवास में 10×20 फीट BHK फ्लैट (सरकारी स्कीम से) हैं। तीन ऑटो किराए पर चलते हैं और डिजायर कार पर ड्राइवर। माता-पिता के साथ अलवास में रहता है।
अभियान की सफलता: 4500 भिखारियों को मुक्ति
जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा के अनुसार, फरवरी 2024 से इंदौर में अभियान चल रहा। 6500 भिखारियों का सर्वे, 4500 काउंसलिंग से मुक्त, 1600 उज्जैन आश्रम भेजे, 172 बच्चों का स्कूल दाखिला। मांगीलाल जैसी घटनाएं धोखाधड़ी उजागर करती हैं।
अधिकारी बोले: सख्ती जारी रहेगी
दिनेश मिश्रा ने कहा, “भिक्षावृत्ति के पीछे छिपी संपत्ति आम। भीख देने वालों पर भी कार्रवाई।” प्रशासन का संकल्प: कानून हाथ में न लें, संवेदनशीलता का दुरुपयोग न हो। यह केस भिखारी माफिया पर नकेल कसने का संकेत।








