छिंदवाड़ा – कुंडीपुरा थाना क्षेत्र के घाट परासिया के लगे नवेगांव में सोमवार तड़के 4 बजकर 40 मिनट पर हुए एक भीषण हादसे में कार सवार पिता-पुत्र की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। संभवतः नींद की झपकी लगने से चालक कार से नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क किनारे साइन बोर्ड से टक्कर के बाद एक गैराज के सामने खड़ी बोलेरो से जा टकराई।
कार में लगे सीएनजी टैंक में धमाका हो गया। आग इतनी भीषण थी कि पिता-पुत्र कार से बाहर नहीं निकल पाए। दोनों के शव बुरी तरह से जल गए थे। कुंडीपुरा थाना प्रभारी महेन्द्र भगत ने बताया कि परासिया के दीघावानी निवासी 61 वर्षीय अमृत सिंह राजपूत और उनका बेटा 22 वर्षीय अरुण सिंह राजपूत रविवार रात यूपी से लौट रहे थे।
घाटपरासिया से पहले नवेगांव के एक मोड़ पर उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे साइन बोर्ड से टकराई और सीधे भवानी ऑटो गैराज के सामने खड़ी बोलेरो से भिड़ गई। टक्कर के बाद कार में लगे सीएनजी टैंक में धमाके के साथ आग लग गई। संभवतः टक्कर में घायल होने और आग तेजी से फैलने की वजह से पिता-पुत्र कार से बाहर नहीं निकल पाए और दोनों की मौके पर मौत हो गई। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
बोलेरो समेत तीन वाहनों में लगी आग
विवेचक एसआई अरविंद बघेल ने बताया कि कार में लगे सीएनजी टैंक में धमाके के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि भवानी ऑटो गैराज के संचालक दयाराम वर्मा की बोलेरो, सुधार कार्य के लिए आई एक कार और पिकअप वाहन भी आग की चपेट में आ गए थे।
बेटे के पर्स से पहचान
पिता-पुत्र घरेलू सामान लेकर यूपी से लौट रहे थे। कार में चावल की बोरी भी थी। एक्सीडेंट होने के बाद अरुण का पर्स कार में गिर गया था। पर्स के ऊपर चावल की कट्टी गिरने से वह नहीं जल पाया। पर्स में आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज मिलने से मृतकों की पहचान हो पाई। हालांकि शव बुरी तरह से जल गए थे, मां आशादेवी ने बेटे अरुण के कमर में लगे बेल्ट से पहचान की थी।
गुरैया में रह रहा था परिवार
अमृत सिंह राजपूत ने गुरैया चमन मोहल्ला में मकान बना लिया था। वे गुरैया मैं ही रह रहे थे। अमृत सिंह बेटे अरुण के साथ यूपी स्थित पैतृक गांव से सामान लेने गए थे। रविवार दोपहर को पिता-पुत्र घरेलू सामान लेकर छिंदवाड़ा लौट रहे थे।








