जबलपुर – मप्र हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक याचिकाकर्ता ने कोर्ट रूम में जज की डाइस पर भ्रूण रख दिया। यह घटना जस्टिस हिमांशु जोशी की कोर्ट नंबर 17 में हुई। अचानक हुई इस घटना से कुछ देर के लिए अदालत में मौजूद लोग हैरान रह गए।
जानकारी के अनुसार, रीवा निवासी दयाशंकर पांडे अपनी याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद था। इसी दौरान उसने अपने साथ लाया भ्रूण जज की डाइस पर रखते हुए कहा- जज साहब, मेरा बच्चा मर चुका है, अब मेरी बारी है।’ इस पर जस्टिस हिमांशु जोशी ने उसे आश्वस्त करते हुए कहा कि उसे न्याय मिलेगा। हालांकि कोर्ट में भ्रूण रखे जाने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने और सिविल लाइन थाना ले गए। युवक को अपने कब्जे में ले लिया अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
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याचिकाकर्ता दयाशंकर पांडे ने अपनी याचिका में बताया है। कि वह 2018 से 2025 तक जबलपुर के एक कार शोरूम में अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत था। इस दौरान उसे शोरूम प्रबंधन द्वारा करीब 200 करोड़ रुपए के कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। उसने वर्ष 2024 में इसकी शिकायत की, जिसके बाद से उस पर और उसके परिवार पर लगातार हमले होने लगे। पांडे का आरोप है कि तीन बार कार से टक्कर मारकर उसकी जान लेने की कोशिश की गई। 1 मार्च 2026 को जब वह बैकुंठपुर (रीवा) में गर्भवती पत्नी और डेढ़ साल की बेटी के साथ बाइक से जा रहा था, तब एक कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में उसकी पत्नी का गर्भपात हो गया। पांडे उसी भ्रूण को सबूत के तौर पर कोर्ट लेकर पहुंचा था।
हमलों से परेशान – पहले न्याय फिर इच्छा मृत्यु मांगी
याचिकाकर्ता का कहना है कि हमलों और कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। उसने राष्ट्रपति को इच्छा मृत्यु का आवेदन भी भेजा है। पांडे का दावा है कि राष्ट्रपति कार्यालय से कार्रवाई के निर्देश जारी हुए, लेकिन अभी तक प्रदेश स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। दयाशंकर 2024 में रीवा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव भी लड़ चुका है।








