कानपुर। शहर की एक विशेष अदालत ने लगभग दस साल पुराने एक झकझोर देने वाले मामले में न्याय की मिसाल पेश की है। फजलगंज क्षेत्र में पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले मुख्य आरोपी को अदालत ने ताउम्र जेल की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) रघुबर सिंह की अदालत ने न केवल मुख्य आरोपी को सजा दी, बल्कि उसके उन भाइयों को भी जेल भेजा है जिन्होंने पीड़िता के परिवार को अपमानित किया था।
घटना का विवरण और अदालती कार्यवाही
मामला 11 नवंबर 2016 का है। फजलगंज के चारखंभा कुआं इलाके में रहने वाले विजय कुमार गुप्ता ने नशे की हालत में पड़ोस के एक मजदूर की पांच साल की बेटी को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने शोर मचाया, तो आरोपी ने उसे वहां से भगा दिया। डरी-सहमी बच्ची ने जब अपनी मां को आपबीती सुनाई, तो मां न्याय की गुहार लेकर आरोपी के घर पहुँची।
वहां आरोपी विजय उर्फ चेलाराम और उसके दो भाइयों, राकेश और होरीलाल ने पीड़िता की मां के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि उन्हें जातिसूचक गालियां देकर अपमानित भी किया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने फजलगंज थाने में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
सजा और भारी जुर्माना
अदालत में चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता और उसके माता-पिता सहित कुल आठ गवाह पेश किए। सबूतों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए कोर्ट ने निम्नलिखित सजा सुनाई:
मुख्य आरोपी विजय कुमार: दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 73 हजार रुपये का जुर्माना।
सह-आरोपी (भाई) राकेश व होरीलाल: एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 5-5 साल की कैद और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना।
पीड़िता को आर्थिक मदद: अदालत ने एक मानवीय रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि जुर्माने से प्राप्त कुल धनराशि का 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे पीड़िता को दिया जाएगा।
न्याय की जीत
विशेष लोक अभियोजक और एडीजीसी ने बताया कि यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश है। यह मामला दर्शाता है कि साक्ष्यों की मजबूती और सही पैरवी से अपराधियों को उनके किए की सजा जरूर मिलती है। इस फैसले से पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है और कानपुर की कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है।
मासूम से दरिंदगी के मामले में ऐतिहासिक न्याय, मुख्य दोषी को उम्रकैद
By: शुलेखा साहू
On: Thursday, March 12, 2026 1:42 PM







