महाराष्ट्र के अमरावती जिले में चल रहा राष्ट्रीय स्तर का सेक्स स्कैंडल मामला अब और गहरा होता जा रहा है। परतवाड़ा तालुका के वायरल अश्लील वीडियो मामले में अमरावती ग्रामीण पुलिस ने दूसरे प्रमुख आरोपी उजेर खान इकबाल खान को हिरासत में ले लिया है। उस पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक क्लिप फैलाने का गंभीर आरोप है।
दूसरा आरोपी हिरासत में
पुलिस के अनुसार, उजेर खान ने मुख्य आरोपी अयान तनवीर के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो डाउनलोड किए और बाद में इन्हें व्हाट्सऐप, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्मों पर डाल दिया, जिससे ये तेज़ी से वायरल होकर पूरे क्षेत्र में तूफान ला दिया। इस बीच अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद सिंगुरी ने बताया कि अब तक मामले में 8 पीड़ितों की पहचान कर ली गई है और जांच जारी है।
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एसपी ने यह भी जानकारी दी कि पीड़ितों के संपर्क में रहने के लिए एक विशेष शिकायत जमा करने का ऑनलाइन लिंक जारी किया गया है, ताकि वे बिना डर या शर्म के आगे आकर अपनी बात रख सकें। जांच में सायबर टीम अभी डिलीट हुए फोटो और वीडियो को रिकवर करने में लगी है, ताकि और ज़्यादा आरोपियों और पीड़ितों की पहचान संभव हो सके।
180 लड़कियों, 350 वीडियो और ‘लव ट्रैप’ का खेल
अधिकांश रिपोर्टों के अनुसार, इस वीडियो कांड में लगभग 180 युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उनके सैकड़ों अंतरंग वीडियो बनाए गए और जानबूझकर वायरल किए गए। मुख्य आरोपी 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर शुरू में लड़कियों से दोस्ती बनाता था, फिर उन्हें किराए के कमरे में बुलाकर शोषण करता था और इस तरह वीडियो बनाता था।
इन वीडियो के ज़रिए लड़कियों को ब्लैकमेल और डराने–धमकाने का खेल भी चलता था। अब तक मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिसमें अयान, उजेर खान, मोहम्मद साद और तरबेज खान शामिल हैं।
बुलडोजर ऐक्शन और सार्वजनिक नाराजगी
इस बीच, मुख्य आरोपी अयान तनवीर के घर के अवैध हिस्से पर बुलडोजर चलाने का ऐक्शन भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। नगर पालिका ने पहले नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने को कहा था, लेकिन जब परिवार ने ध्यान नहीं दिया तो जेसीबी/बुलडोजर से उस हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात रही ताकि स्थानीय भीड़ द्वारा किसी भी तरह की अशांति न हो।
हालांकि प्रशासन ने यह कार्रवाई सिर्फ “अवैध निर्माण के खिलाफ नियमानुसार” बताई है, लेकिन संवेदनशील वीडियो कांड के पीछे उभरी नाबालिग शोषण वाली घटनाओं के कारण यह ऐसे निर्माण तक नहीं, बल्कि “सामाजिक सजा” के रूप में भी देखी जा रही है।
जांच अब और तेज, अगले चरण में क्या?
पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि जांच पूरी नहीं हुई और आने वाले दिनों में और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है। 47 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) भी गठित किया गया है ताकि इस नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की गहन जांच की जा सके।








