कानपुर के फजलगंज में गुरुवार देर रात तेज रफ्तार ईंट लदी ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर सड़क किनारे झोपड़पट्टी बनी में जाकर घुस गई। हादसे में झोपड़ी के अंदर सो रहे एक ही परिवार के चार लोग मलबे और ट्रैक्टर ट्राली के नीचे दब गए। चीख पुकार सुनकर राहगीर और पुलिस मौके पर पहुंची। उसके बाद सभी को बाहर निकलवाकर हैलेट अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान 60 वर्षीय सियावती सिंह और उनकी 40 वर्षीय बहू पुष्पा देवी उर्फ अंजना की मौत हो गई।
वहीं पुष्पा के पति सजीवन और उनकी सात वर्षीय बेटी मिष्टी घायल हो गई है। आपको बतादें यह पूरी घटना देर तकरीबन दो बजे गुरुवार की बताई जा रही है। दादानगर ढाल के पास स्थित कच्ची मड़ैया में सुंदर सिंह 60 वर्षीय पत्नी सियावती, बेटा सजीवन सिंह, बहू पुष्पा 40 वर्षीय, चार साल की नातिन मिष्टी के साथ रहते हैं। सुंदर फजलगंज स्थित ट्रक बॉडी मेकर फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं, जबकि बेटा सजीवन लोडर चालक है।
सलीम ने बताया कि गुरुवार रात 8 बजे करवा चौथ की पूजा के बाद वह ड्यूटी के लिए घर से निकल गए थे, जबकि बेटा परिवार के साथ घर पर था। देर रात करीब 2 बजे दादानगर पुल से फजलगंज की ओर एक ईंट से लदी ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर झोपड़ी में जा घुसी, जिससे चारों लोग ट्रैक्टर ट्राली के नीचे दब गए।
हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक और मजदूर मौके से भाग निकले। इलाकाई लोगों की सूचना पर उन्होंने डायल 112 पर कॉल की, जिस पर फजलगंज पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर ट्राली को मेट्रो कर्मचारियों की मदद से क्रेन से हटवाया गया।
वहीं अब पिता और पुत्री की हालत की स्थिति खतरे से बाहर है।
पुलिस ने गंभीर रूप से घायलों को हैलट अस्पताल भेजवाया, जहां सियावती और पुष्पा को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि सजीवन सिंह और मिष्टी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है एडीजीपी सेंट्रल डॉक्टर अरुणा सिंह ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। परिजनों की तहरीर मुकदमा दर्ज किया गया है।

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