अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों ने शोषण का आरोप लगाते हुए खून से पत्र लिखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए खून से लिखे पत्रों में आरोप है कि कंपनी द्वारा नियमित रूप से वेतन नहीं दिया जाता है।
जिससे परिवार को आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ता है। पिछले 3 साल से उन्हें राष्ट्रीय अवकाश की राशि का भुगतान भी नहीं किया गया है। महंगाई के इस दौर में भी उनके एरियर्स में कोई इजाफा नहीं किया गया है।
आरोप है कि बड़ी-बड़ी निजी कंपनियां सरकार से तो फंड लेती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा जाता है। खून से पत्र लिखते हुए यह मांग उठाई गई है कि निजी कंपनियों की मनमानी पर नकेल कसी जाए।
विपिन पांडेय, शिवेंद्र पांडेय आदि ने कहा कि हमें उ मीद है कि इस पत्र के बाद उनकी समस्याओं का निराकरण होगा।
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