देश की आर्थिक और कॉर्पोरेट दुनिया को हिला देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। शनिवार सुबह 7 बजे से सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) की टीम ने अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास और रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से जुड़े कई परिसरों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को हुए 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित बैंक घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है।
सीबीआई की तगड़ी दबिश
अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी सीबीआई द्वारा दर्ज की गई नई एफआईआर के आधार पर की जा रही है। एफआईआर में आरकॉम और उसके प्रमोटर निदेशक अनिल अंबानी को आरोपी बनाया गया है। बताया जा रहा है कि अनिल अंबानी इस समय अपने परिवार के साथ आवास पर मौजूद हैं और वहां सीबीआई टीम ने घंटों से तलाशी अभियान चला रखा है।
एसबीआई की शिकायत से शुरू हुई जांच
पूरे मामले की जड़ भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत मानी जा रही है। बैंक ने जून 2025 में आरकॉम और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन को ‘धोखाधड़ी’ की श्रेणी में डालते हुए आरबीआई को रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद सीबीआई को औपचारिक शिकायत दी गई और मामला दर्ज कर जांच एजेंसी को कार्रवाई सौंप दी गई।
सूत्रों के मुताबिक, बैंक का दावा है कि आरकॉम पर 2,227.64 करोड़ रुपये की मूल बकाया निधि, ब्याज और व्यय, साथ ही लगभग 786.52 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देनदारियों के रूप में लंबित हैं।
दिवालिया प्रक्रिया में है आरकॉम
गौरतलब है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस पहले से ही दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) के तहत कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया से गुजर रही है। वर्ष 2020 में कंपनी की समाधान योजना एनसीएलटी, मुंबई में दायर की गई थी, लेकिन अंतिम मंजूरी अब तक लंबित है। ऐसे में, ताजा छापेमारी से कंपनी की भविष्य की राह और भी कठिन होती नजर आ रही है।
सरकार की संसद में सफाई
कुछ हफ्ते पहले ही वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब देकर जानकारी दी थी कि एसबीआई ने धोखाधड़ी का वर्गीकरण आरबीआई को सूचित कर दिया है और सीबीआई में शिकायत दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है। शनिवार को हुई यह कार्रवाई उसी प्रक्रिया का बड़ा कदम मानी जा रही है।







