Plane crash in MP – मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में रेड बर्ड से जुड़ा ट्रेनी विमान सुकतरा हवाई पट्टी से उड़ान के बाद आमगांव के पास 33 केवी हाई वोल्टेज लाइन से टकराकर खेत में क्रैश हो गया। ट्रेनर पायलट अजित एंथोनी और ट्रेनी पायलट अशोक छावड़ा घायल हुए, जबकि 80–90 गांवों की बिजली सप्लाई ठप रही। पहले भी सुकतरा एयरस्ट्रिप के ट्रेनिंग विमानों पर सुरक्षा लापरवाही के आरोप लग चुके हैं। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में सुकतरा हवाई पट्टी से उड़ान भरने वाला एक ट्रेनी विमान शाम करीब 6.25–6.30 बजे आमगांव के पास 33 केवी हाई वोल्टेज लाइन से टकराकर खेतों में जा गिरा। विमान रेड बर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग/एविएशन से जुड़ा ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट बताया जा रहा है, जो सिवनी बेस से नियमित प्रशिक्षण उड़ानें संचालित करता है।
विमान के पंख का हिस्सा बादलपार सब स्टेशन की 33 केवी लाइन के निचले हिस्से से टकराते ही जोरदार धमाका हुआ और तारों से चिंगारियां निकलने लगीं, जिसके बाद लहराता हुआ विमान पास के खेत में आ गिरा। टक्कर के तुरंत बाद लाइन ट्रिप हो जाने से आग और बड़े विस्फोट जैसी संभावित तबाही टल गई।
Plane crash in MP – पायलटों की हालत और बचाव
विमान में ट्रेनर पायलट अजित एंथोनी और ट्रेनी पायलट अशोक छावड़ा सवार थे, जो हादसे में घायल हो गए लेकिन दोनों की जान खतरे से बाहर बताई जा रही है। ग्रामीणों ने धमाका सुनते ही दौड़कर मौके पर पहुंचकर सबसे पहले दोनों को बाहर निकाला और अपनी ही व्यवस्था से अस्पताल पहुंचाया।
कुरई थाना प्रभारी कृपाल सिंह तेकाम के अनुसार शुरुआती जानकारी में सामने आया कि उड़ान के दौरान इंजन में पर्याप्त पावर जनरेट नहीं हो रही थी, जिस कारण विमान की ऊंचाई तेजी से घटने लगी। कंट्रोल रूम से संपर्क के बाद खेत में इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी की जा रही थी, तभी रास्ते में हाई वोल्टेज लाइन आ गई और विमान उससे टकरा गया।

90 गांवों की बिजली गुल – Plane crash in MP
33 केवी लाइन टूटने से बादलपार और ग्वारी सब स्टेशन क्षेत्र के करीब 80–90 गांवों की बिजली आपूर्ति अचानक बंद हो गई। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने लाइन ट्रिप और कंडक्टर टूटने की पुष्टि करते हुए कहा कि टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत और सप्लाई बहाली में जुटी है।
अधिकारियों के मुताबिक, हाई वोल्टेज लाइन पर विमान टकराने के बावजूद सिस्टम प्रोटेक्शन समय पर एक्टिव होने से ग्रिड को बड़े नुकसान और दोबारा फॉल्ट से बचा लिया गया। प्राथमिकता के तौर पर फीडर आइसोलेट कर दिक्कत वाले हिस्से की मरम्मत की जा रही है, उसके बाद चरणबद्ध ढंग से गांवों की सप्लाई बहाल होगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशिक्षण संस्थान द्वारा सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है और आसपास के गांवों को बिना विश्वास में लिए रोजाना कम ऊंचाई पर उड़ानें कराई जाती हैं। लोगों का कहना है कि इसी साल सुकतरा हवाई पट्टी पर ट्रेनी विमान दो बार लैंडिंग के दौरान रनवे पर फिसलकर पलट चुका है, तब भी कंपनी पर लापरवाही के आरोप लगे थे।
उड्डयन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट ऑपरेशन के लिए रनवे कॉरिडोर के आसपास ऊंची बिजली लाइनों, पेड़ों और अन्य बाधाओं का विस्तृत रिस्क असेसमेंट और रीडिजाइन जरूरी है। बार-बार हो रही घटनाओं को देखते हुए डीजीसीए और राज्य सरकार से इस सेक्टर में व्यापक सुरक्षा ऑडिट और रेड बर्ड जैसी ट्रेनिंग कंपनियों के ऑपरेशन की कड़ी समीक्षा की मांग तेज हो सकती है।








