बालाघाट के लांजी में गुरुवार सुबह आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की टीम ने सेवा सहकारी समिति मनेरी के प्रभारी प्रबंधक विलास चौरे के घर दबिश दी।
नीमटोला स्थित उनके आवास पर सुबह करीब 6 बजे डीएसपी के नेतृत्व में टीम पहुंची। ईओडब्ल्यू की टीम आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच कर रही है।
फिलहाल विभाग की ओर से कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। ईओडब्ल्यू के अधिकारी गुरुवार सुबह चीरे के आवास पर पहुंचे और जांच शुरू की।
विलास चौरे वर्तमान में सेवा सहकारी समिति मनेरी में प्रभारी प्रबंधक के पद पर हैं। उनके परिवार के नाम कृषि यंत्र बेचने का व्यवसाय भी बताया गया है।
इसके अलावा मातोश्री नाम से बालाघाट से हैदराबाद रूट पर तीन बसों का संचालन किए जाने की जानकारी सामने आई है। बालाघाट जिले में करीब एक पखवाड़े के भीतर एडह की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
इससे पहले 3 सितंबर को बालाघाट के पीआईयू ई कमलकिशोर सिंगारे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की थी। जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति ईओडब्ल्यू की कार्रवाई फिलहाल जारी है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में टीम संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। विभाग की ओर से जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चौरे के पास आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक कितनी संपत्ति मिली है।
तीन बैंक खाते सीज, लाखों की जमीन और आलीशान मकान
ईओडब्ल्यू टीम को तलाशी के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और जिला सहकारी बैंक में तीन खाते मिले हैं, जिन्हें सीज कर लेनदेन की जांच की जा रही है। इसके अलावा चार एलआईसी पॉलिसी और एक निजी कंपनी की पॉलिसी के बांड मिले हैं, जिनकी भी जांच की जा रही है।
टीम को पता चला कि पांच लाख रुपये में खरीदी गई जमीन पर करीब 50 लाख रुपये की लागत से आलीशान मकान बनाया गया है। इसके अलावा 10 लाख रुपये की कृषि भूमि भी खरीदी गई है। घर परिसर में ही एक निजी जिम बनाया जा रहा है, जिसके लिए करीब 10 लाख रुपये के उपकरण खरीदे गए हैं। घर से जमीन, मकान और निवेश से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं। साथ ही पांच लाख का गोल्ड भी मिला है।
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