मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। बताया जाता है कि एक 25 साल का युवक कई दिनों से ना तो कुछ खा रहा था और ना ही शौच कर रहा था। उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद परिवार के लोग उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसकी जांच की। डॉक्टरों ने युवक के पेट में एक बॉटल देखी। डॉक्टरों ने उसे मलद्वार से ही निकालने की कोशिश की लेकिन जब कामयाब नहीं हुए तो ऑपरेशन कर के बॉटल निकाली गई।
नौगांव थाना क्षेत्र के इस युवक ने परिवारवालों को बताया कि उसने तेल लगाने के दौरान प्लास्टिक की बोतल अनजाने में मलद्वार के जरिए शरीर में डाल ली थी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी—ना ठीक से खाना खा पा रहा था, ना ही शौच कर पा रहा था। दर्द और बेचैनी हर घड़ी बढ़ती जा रही थी।
एक्स-रे में दिखी पूरी सच्चाई
परेशान परिवार वाले उसे लेकर जिले के अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने जब जाँच की तो एक्स-रे में पूरा सच सामने आ गया—युवक के पेट में करीब 15cm लंबी और 8cm चौड़ी प्लास्टिक की बोतल फंसी हुई थी, जो मलद्वार से होते हुए बड़ी आंत तक पहुँच गई थी।
पहले कोशिश, फिर ऑपरेशन!
डॉक्टरों की टीम ने सबसे पहले, anesthesia देकर मलद्वार के रास्ते बोतल निकालने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो ऑपरेशन करने का फैसला किया। करीब ढाई घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद बोतल को पेट और आंत चीरकर बाहर निकाला गया। सर्जरी डॉक्टर मनोज चौधरी ने अन्य डॉक्टरों की टीम के साथ मिलकर की।
अब है पूरी तरह से स्वस्थ
फिलहाल युवक जिला अस्पताल में भर्ती है और तेजी से स्वस्थ हो रहा है। इस ऑपरेशन के बाद उसे नॉर्मल डाइट दी जा रही है और डॉक्टर उसकी हालत पर लगातार नजर रख रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी घटनाएं दुर्लभ हैं, लेकिन मानसिक विकार या curiosity के चलते ऐसी हरकतें हो जाती हैं।
पहले भी सामने आए हैं ऐसे अजीब मामले
छतरपुर जिला अस्पताल में इससे पहले भी कुछ अजीबोगरीब केस आ चुके हैं—कभी किसी के पेट से लौकी निकली, तो किसी के शरीर में एक से ज्यादा बोतलें फंसी पाई गईं। डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसी किसी भी समस्या में शर्माने के बजाय तुरंत मेडिकल सहायता लें।








