शाजापुर के प्रसिद्ध खजांची मंदिर में हर साल कृष्ण जन्माष्टमी पर कुछ अलग ही रौनक देखने को मिलती है। यहां मंदिर को खास तौर पर देशी-विदेशी नोटों से सजाया जाता है, जो हर किसी को हैरान कर जाता है। इस अनोखी परंपरा की शुरुआत आज से करीब 50 साल पहले हुई थी, जो आज भी बड़े जोश और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।
भारत की करेंसी के साथ-साथ दुनिया के तमाम देशों की नोटों से भी इस मंदिर को सजाया जाता है। खास सजावट की एक झलक पाने और श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं। इन नोटों की गिनती हजारों, लाखों में होती है और इसे ध्यानपूर्वक मंदिर की हर दीवार, गेट और विशेष झांकी में सजाया जाता है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह परंपरा न सिर्फ धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि इसमें हर देश की विविधता और एकता का संदेश भी छिपा है। जन्माष्टमी के मौके पर खजांची मंदिर की नोटों से सजी झांकी सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल होती है और क्षेत्र की पहचान बन गई है।








