भरत तिवारी एनकाउंटर में एक्शन, पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज
अब तक के पूरे भारत में सबसे ज्यादा चर्चित एनकाउंटर यानी कि बिहार के भोजपुरी में जो बीते दिनों एनकाउंटर हुआ था उसमें एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शाहपुर थाना अध्यक्ष समेत एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ शाहपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
Vijay
23 Jun 2026
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अब तक के पूरे भारत में सबसे ज्यादा चर्चित एनकाउंटर यानी कि बिहार के भोजपुरी में जो बीते दिनों एनकाउंटर हुआ था उसमें एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शाहपुर थाना अध्यक्ष समेत एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ शाहपुर थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों जो एनकाउंटर को लेकर सवाल उठ रहे थे और परिजनों की शिकायत के आधार पर यह पूरी कार्रवाई की गई है।
हालांकि मामले की जांच पहले से ही चल रही है अब पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच में नया मोड़ सामने आने की उम्मीद है।
आपको बता दे कि भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी जिसको लेकर परिजन और ग्रामीण लगातार सवाल उठा रहे थे और जांच की मांग कर रहे थे।
बिहार समेत पूरे देश में बयान बाजी भी हुई और लगातार यह पूरा मामला चर्चा में भी बना रहा, आपको हम बता दे कि भरत तिवारी एनकाउंटर में लगभग 7 दिन बीत गए, बावजूद परिवार का दर्द लगातार सामने आ रहा है।
परिजनों ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है, आपको हम बता दे कि भरत तिवारी के परिवार के लोग फर्जी एनकाउंटर बताया है, साथ ही दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की गुहार लगाई है।
परिजनों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर कई सबूत पहले भी दे चुके हैं, हालांकि जांच की घोषणा नहीं, बल्कि उन्हें कार्यवाही से मतलब है।
मृतक के भाई चंदन तिवारी ने बताया कि उन्हें सरकार की न्यायिक जांच पर भरोसा नहीं है न्याय मिलने में देरी हो सकती है लेकिन दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर हमें न्याय नहीं मिला तो हमारा पूरा परिवार आत्महत्या कर लेगा, हम सिर्फ जांच नहीं बल्कि दोषियों को सजा दिलाना चाहते हैं।
वहीं भरत तिवारी के मोबाइल को पुलिस द्वारा अब तक नहीं दिए जाने को लेकर भरत तिवारी के पिता ने मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान बताया कि बेटे के पास दो मोबाइल फोन थे, इनमें से एक मोबाइल उसकी मोटरसाइकिल समेत वापस कर दी गई, लेकिन दूसरा मोबाइल अब भी पुलिस के पास ही है।