बेटे की मौत के बाद थाने में नहीं लिखी गई FIR, पुलिसकर्मी पिता बैठ गया धरने पर

वही दोषी ट्रक को पैसे लेकर छोड़ दिए जाने का आरोप पिता ने लगाए हैं। इस घटना से आहत होकर मृतक के पिता जो कि पुलिसकर्मी हैं वह थाने के सामने ही धरने पर बैठ गए, तब जाकर मामला दर्ज हुआ। हालांकि थाना प्रभारी का तर्क है कि खुद पिता बयान दर्ज कराने नहीं आए, इसलिए मामला दर्ज करने में देरी हुई।

Vijay

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05 Jul 2026 1 min read
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बेटे की मौत के बाद थाने में नहीं लिखी गई FIR, पुलिसकर्मी पिता बैठ गया धरने पर
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से खबर है जहां छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाने की कार्यशैली पर एक बार फिर से सवाल उठ गया है। इसी थाने में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर के बेटे की दुर्घटना में मौत हो गई, बावजूद 15 दिन तक मामला दर्ज नहीं किया गया।

 

वही दोषी ट्रक को पैसे लेकर छोड़ दिए जाने का आरोप पिता ने लगाए हैं। इस घटना से आहत होकर मृतक के पिता जो कि पुलिसकर्मी हैं वह थाने के सामने ही धरने पर बैठ गए, तब जाकर मामला दर्ज हुआ। हालांकि थाना प्रभारी का तर्क है कि खुद पिता बयान दर्ज कराने नहीं आए, इसलिए मामला दर्ज करने में देरी हुई।

 

लेकिन थाना प्रभारी के इस तर्क से पीड़ित परिवार पूरी नकार रहा है। उनका कहना है कि वह लगातार थाने के कई चक्कर लगाए हैं। आपको बता दे की मथुरा प्रसाद गौड़ सिविल लाइन थाने में सब इंस्पेक्टर के रूप में पदस्थ है 19 जून की देर रात उनके 30 वर्षीय बेटे  गजेंद्र सिंह गौड़ की सागर रोड पर सड़क हादसे में मौत हो गई थी, गजेंद्र के साथ बाइक सवार वीरेंद्र जो की 19 वर्ष के हैं वह भी घायल हो गए थे ।

 

पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को जप्त कर लिया, लेकिन ट्रक को पकड़ने के बाद छोड़ दिया गया। परिवार का आरोप है की घटना के बाद वह लगातार थाने के चक्कर लगाते रहे। बावजूद FIR दर्ज नहीं हुई, एसपी कार्यालय में भी उन्होंने आवेदन दिया, बाबजूद कार्यवाही नहीं हुई, लेकिन फिर शनिवार की सुबह पीड़ित परिवार थाने पहुंचा लेकिन सुनवाई नहीं हुई तो वह मुख्य गेट पर ही धरना देकर बैठ गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे, उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती उनका प्रदर्शन खत्म नहीं होगा, बाद में थाना प्रभारी ने मामला दर्ज करवाया। 

 

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