SINGRAULI - कोतवाली और सरई क्षेत्र में हो रही रेत और मिटटी की चोरी, रातभर ट्रैक्टरों की धमाचौकड़ी

ग्रामीणों की मानें तो रात होते ही रेत की चोरी में लगे लोग नदियों और नालों में ट्रैक्टर उतार देते हैं। स्थानीय लोग अवैध रेत निकासी की शिकायत कई बार स्थानीय पुलिस से कर चुके हैं,  क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रही रेत की चोरी और मिटटी से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। चोरी का यही हाल रहा तो किसी भी दिन ग्रामीण बड़ा कदम उठा सकते हैं।

Vijay

Vijay

14 Jun 2026 1 min read
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SINGRAULI - कोतवाली और सरई क्षेत्र में हो रही रेत और मिटटी की चोरी, रातभर ट्रैक्टरों की धमाचौकड़ी
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सिंगरौली - कोतवाली और सरई क्षेत्र के नदी नालों से रेत और मिटटी की चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है। गांव-देहात की गलियों में रातभर रेत लोड ट्रैक्टरों की धमाचौकड़ी मची रहती है। तंग गलियों से होकर निकलने वाले रेत लोड़ ट्रैक्टरों से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

ग्रामीणों की मानें तो रात होते ही रेत की चोरी में लगे लोग नदियों और नालों में ट्रैक्टर उतार देते हैं। स्थानीय लोग अवैध रेत निकासी की शिकायत कई बार स्थानीय पुलिस से कर चुके हैं,  क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रही रेत की चोरी और मिटटी से लोगों में आक्रोश व्याप्त है। चोरी का यही हाल रहा तो किसी भी दिन ग्रामीण बड़ा कदम उठा सकते हैं।

 

स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो जिले में जब नवागत एसपी की पदस्थाना हुई तो कुछ दिनों तक रेत और मिटटी की चोरी बंद थी, लेकिन पिछले एक सप्ताह से फिर से चोरी का क्रम शुरु हो गया है। लोगों का कहना है कि पुलिस के अधिकारियों की रेत चोरों से सांठगांठ होने से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होती है। 

किसी भी दिन हो सकता है हादसा -

गांवों की तंग गलियों से रात के समय रेत लेकर निकलने वाले ट्रैक्टरों की धमाचौकड़ी से न केवल ग्रामीणों की रातों की नींद हराम हो गई है, बल्कि हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। गलियों से रेत लोड ट्रैक्टर इतनी तेजी से निकलते हैं कि अगर उनके सामने गलती से भी कोई आ गया तो उसका बचना मुमकिन नहीं है। 

गौरतलब है कि रेत को लेकर पिछले साल बरका में एक आदिवासी युवक पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सिंगरौली से लेकर भोपाल तक शोर-शराबा हुआ था। बड़े मुश्किल से मामला शांत हुआ था। उस समय भी घटना के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार माना गया था।

 

 

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