इंदौर, 3 जनवरी: मध्यप्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां उस वक्त बढ़ गईं जब शनिवार को इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कांग्रेस की पांच सदस्यीय जांच समिति दूषित पानी की समस्या पर स्थानीय लोगों से बातचीत करने पहुंची थी, तभी विरोध में भाजपा समर्थक वहां एकत्र हो गए। दोनों पक्षों के बीच जोरदार नारेबाजी, धक्कामुक्की और हंगामा हुआ।
स्थिति बिगड़ने पर मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रण में लिया और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, विधायक महेश परमार, प्रताप गरेवाल, रीना बौरासी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर क्षेत्र से हटा दिया गया। इस दौरान भी दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारे लगाए और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
चप्पल फेंकी गई, पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं के जमा होने पर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘बाहरी लोग वापस जाओ’ के नारे लगाए, जबकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पलटवार में ‘घंटा पार्टी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। इसी बीच किसी अराजक तत्व ने पूर्व मंत्री वर्मा की ओर चप्पल भी फेंकी। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल सीपी अमित सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को हटाकर इलाके में शांति बहाल की।
दूषित पानी से मौतों की संख्या 16 हुई
दूसरी ओर, उसी इलाके में दूषित पानी से प्रभावित लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में अब तक 16 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है। ताजा मामले में शीतल नगर निवासी 65 वर्षीय हीरालाल की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूषित जल स्रोत के कारण कई लोगों में संक्रमण बढ़ा है।
भोपाल में सपा का प्रदर्शन, AIIMS टीम ने किया निरीक्षण
इस बीच घटना का असर राजधानी भोपाल तक पहुंच गया, जहां समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बंगले के बाहर प्रदर्शन किया और इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बंगले की नेमप्लेट पर कालिख पोती।
वहीं, AIIMS भोपाल की टीम ने भागीरथपुरा में लीकेज स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने कहा कि वे नमूने लेकर जल विश्लेषण करेंगे, हालांकि नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे।
प्रशासन अलर्ट, जांच के निर्देश
इंदौर पुलिस और प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त फोर्स लगाई है और दोनों राजनीतिक दलों को शांति बनाए रखने की अपील की है। शहर में दूषित पानी की जांच के लिए संयुक्त समिति गठित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की अराजकता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।








