मध्य प्रदेश के खंडवा में मोघट रोड थाना परिसर ( MP POLICE ) में दलित युवती की मां, नानी और बुआ से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। परिजनों ने टीआई ( MP POLICE ) पर पाइप से पिटाई और धमकी देने के आरोप लगाए, जबकि अधिकारी मारपीट से इनकार कर रहे हैं। मामले की जांच और सीसीटीवी फुटेज की मांग उठी। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में मोघट रोड थाना परिसर में एक दलित युवती की मां, नानी और बुआ के साथ थाने के अंदर ( MP POLICE ) ही मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। परिजनों का कहना है कि वे 18 वर्षीय बेटी से मिलने थाने पहुंचे थे, जिसने कथित रूप से लव मैरिज की है, तभी थाने के प्रभारी निरीक्षक (टीआई) ( MP POLICE ) ने पाइपनुमा डंडे से उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
ग्रामीण क्षेत्र अहमदपुर की रहने वाली युवती कुछ दिन पहले अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी, जिसके बाद परिवार ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस संपर्क में आने पर पता चला कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने आपसी सहमति से शादी कर ली, जिसके बाद पुलिस ( MP POLICE ) ने सोमवार को दोनों को बयान के लिए थाने बुलाया और परिवार को भी बातचीत के लिए वहीं आने को कहा।
परिवार के थाने पहुंचने पर युवती के पति से कहासुनी बढ़ गई, जिसके बीचहाल में माहौल गर्मा गया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान टीआई ( MP POLICE ) ने बीच-बचाव के नाम पर महिलाओं को धक्के दिए और बाद में पाइप की लाठी से मारना शुरू कर दिया।
परिजनों के गंभीर आरोप
पीड़ित पक्ष का कहना है कि युवती की मां पहले ही बेटी की शादी की खबर के बाद जहर खाकर अस्पताल में भर्ती थी और वहीं से छुट्टी लेकर थाने पहुंची थी। महिला का आरोप है कि टीआई ( MP POLICE ) ने उसे बेटी से दूर हटाने के लिए धक्का देकर बाहर निकलने को कहा और विरोध करने पर उस पर और साथ आई बुजुर्ग मां तथा ननद पर पाइप से वार किए, जिससे हाथ, कमर और पैरों पर सूजन और चोटें आईं।
परिजनों का दावा है कि पूरा घटनाक्रम थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ, जबकि मौके पर मौजूद बच्चों ने अपने मोबाइल से भी वीडियो बनाने की कोशिश की, परंतु स्टाफ ने कथित रूप से मोबाइल छीनकर रीसेट कर लौटाए। परिवार का आरोप है कि टीआई ने धमकी दी कि यदि कहीं शिकायत की तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेज देगा।
पुलिस का पक्ष और अगला कदम
पीड़ित महिलाओं ने रिश्तेदारों और समाजजनों को बुलाकर थाने में ही विरोध जताया और टीआई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। समाजजन की मौजूदगी में टीआई ने अपने कक्ष में महिलाओं से माफी मांगने की बात स्वीकार की गई, लेकिन पीड़ित परिवार ने इसे पर्याप्त मानने से इंकार करते हुए लिखित शिकायत करने का फैसला लिया।
वहीं टीआई ( MP POLICE ) धीरेश धारवाल पर लगे आरोपों को उन्होंने खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं ने थाने में हंगामा किया और दूसरे पक्ष से मारपीट पर आमादा हो गई थीं, इसलिए उन्हें केवल समझाया गया और किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई। क्षेत्र के सीएसपी स्तर के अधिकारी ने भी कहा है कि मामला संज्ञान में आने पर तथ्यात्मक जांच कराई जाएगी और सीसीटीवी सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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